बालों में हेयर कलर लगाने के नुकसान: क्या रंग से त्वचा की बीमारी, एलर्जी और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है?
The Morcha Desk12 min read

बालों में हेयर कलर लगाने के नुकसान जानना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है, जो सफेद बालों को छिपाने, अपने लुक को आकर्षक बनाने और फैशन के लिए बालों में रंग लगाता है। आजकल महिलाएँ और पुरुष दोनों ही काले, भूरे, लाल, सुनहरे और अन्य रंगों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हेयर कलर लगाने से त्वचा पर एलर्जी, खुजली, लाल चकत्ते या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी पैदा हो सकती हैं?
इसका जवाब है—हाँ, कुछ लोगों में हेयर कलर त्वचा की एलर्जी और जलन पैदा कर सकता है। कुछ उत्पादों के गलत इस्तेमाल से बालों और सिर की त्वचा को भी नुकसान पहुँच सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति को हेयर कलर से परेशानी नहीं होती और सभी हेयर कलर एक जैसे नहीं होते। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि रंग में कौन-से रसायन हैं, उसका इस्तेमाल कैसे किया गया है और आपकी त्वचा कितनी संवेदनशील है।
इस लेख में हम जानेंगे कि हेयर कलर से कौन-कौन सी समस्याएँ हो सकती हैं, किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और बालों को रंगते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

क्या बालों में हेयर कलर लगाने से त्वचा की बीमारी हो सकती है?
बालों में हेयर कलर लगाने के नुकसान समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि बालों का रंग त्वचा को किस तरह प्रभावित कर सकता है।
हेयर डाई में मौजूद कुछ रसायन त्वचा पर जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से स्थायी हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाला पीपीडी (पैरा-फेनिलीनडायमीन) कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को हेयर कलर से एलर्जी होती है, तो उसके सिर की त्वचा, माथे, कानों के पीछे, गर्दन और चेहरे पर खुजली, लालिमा, सूजन या दाने दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में त्वचा पर फफोले भी पड़ सकते हैं।
हालाँकि, हेयर कलर लगाने से हर प्रकार की त्वचा की बीमारी नहीं होती। मुहाँसे, एक्जिमा या अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। हेयर कलर कुछ लोगों की मौजूदा त्वचा समस्या को बढ़ा सकता है, लेकिन हर समस्या के लिए उसे जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
हेयर कलर से होने वाली एलर्जी के लक्षण
हेयर कलर से एलर्जी होने पर लक्षण तुरंत भी दिखाई दे सकते हैं और कई घंटे या एक-दो दिन बाद भी सामने आ सकते हैं।
इसके प्रमुख लक्षण हैं:
सिर की त्वचा में तेज खुजली होना।
माथे और कानों के आसपास लालिमा आना।
चेहरे, पलकों या गर्दन पर सूजन होना।
त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलना।
त्वचा में जलन या चुभन महसूस होना।
सिर की त्वचा पर फफोले या गीले घाव बनना।
त्वचा का सूखना, फटना या पपड़ी जमना।
अगर हेयर कलर लगाने के बाद ये लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य प्रतिक्रिया समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उत्पाद को निर्देशों के अनुसार तुरंत अच्छी तरह धोकर हटाएँ और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
यदि चेहरे या गले में तेजी से सूजन आए, साँस लेने में कठिनाई हो या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
क्या हेयर कलर लगाने से चेहरे की त्वचा खराब हो सकती है?
कई लोगों को चिंता रहती है कि बालों में रंग लगाने से चेहरे की त्वचा काली हो सकती है या उसकी प्राकृतिक चमक खत्म हो सकती है।
सामान्य रूप से हेयर कलर लगाने से हर व्यक्ति की त्वचा का रंग स्थायी रूप से काला नहीं हो जाता। लेकिन यदि रंग त्वचा पर लग जाए और उससे जलन या एलर्जी हो, तो सूजन ठीक होने के बाद कुछ लोगों में गहरे निशान पड़ सकते हैं। इसे त्वचा की सूजन के बाद होने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है।
हेयर कलर के कारण माथे, कानों और गर्दन पर अस्थायी दाग भी लग सकते हैं। ये दाग कई बार सामान्य धुलाई से कम हो जाते हैं, लेकिन त्वचा पर जोर से रगड़ना या तेज रसायन लगाना नुकसान बढ़ा सकता है।
यदि रंग लगाने के बाद चेहरे पर लगातार लालिमा, खुजली या काले निशान बने रहें, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।
क्या हेयर कलर से बाल झड़ सकते हैं?
बालों में हेयर कलर लगाने के नुकसान में बालों का कमजोर होना और टूटना भी शामिल हो सकता है।
विशेष रूप से ब्लीचिंग और कुछ स्थायी रंगों में इस्तेमाल होने वाले रसायन बालों की बाहरी परत को प्रभावित कर सकते हैं। बार-बार रंग लगाने, बहुत अधिक समय तक रंग छोड़ने या ब्लीच का गलत इस्तेमाल करने से बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो सकते हैं।
इसके कारण बाल जड़ों से झड़ने के बजाय बीच से टूट सकते हैं। कुछ लोगों में सिर की त्वचा पर गंभीर जलन या एलर्जी होने के कारण बालों के झड़ने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
हालाँकि, बाल झड़ने के कई अन्य कारण भी होते हैं, जैसे हार्मोन में बदलाव, आयरन की कमी, तनाव, आनुवंशिक कारण और थायरॉइड संबंधी समस्याएँ। इसलिए हर बार बाल झड़ने के लिए हेयर कलर को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
बालों को नुकसान से बचाने के लिए रंग लगाने के बीच उचित अंतर रखें, ब्लीच का अत्यधिक इस्तेमाल न करें और उत्पाद के निर्देशों का पालन करें।
हेयर कलर में मौजूद पीपीडी क्या है और यह कितना नुकसानदायक है?
पीपीडी यानी पैरा-फेनिलीनडायमीन एक ऐसा रसायन है जिसका इस्तेमाल कई स्थायी हेयर डाई में किया जाता है। यह विशेष रूप से गहरे रंग प्राप्त करने में मदद करता है।
कुछ लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली पीपीडी को एक हानिकारक पदार्थ समझकर प्रतिक्रिया कर सकती है। इससे एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस नाम की त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।
इसके लक्षणों में खुजली, लालिमा, सूजन, दाने और फफोले शामिल हैं। गंभीर प्रतिक्रिया में चेहरे और पलकों पर काफी सूजन भी हो सकती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि पीपीडी हर व्यक्ति में एलर्जी पैदा नहीं करता। लेकिन जिन लोगों को इससे पहले प्रतिक्रिया हो चुकी है, उन्हें पीपीडी वाले उत्पादों से बचना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
किसी उत्पाद पर प्राकृतिक, हर्बल या अमोनिया-रहित लिखा होने का अर्थ यह नहीं है कि उससे एलर्जी नहीं होगी। उसमें अन्य ऐसे तत्व हो सकते हैं जो त्वचा को प्रभावित करें।
क्या हेयर कलर से आँखों को नुकसान हो सकता है?
हेयर कलर आँखों के संपर्क में आने पर जलन, लालिमा, पानी आना और दर्द जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है।
यदि रंग गलती से आँखों में चला जाए, तो तुरंत साफ बहते पानी से आँखों को अच्छी तरह धोएँ। आँखों में किसी घरेलू पदार्थ या अन्य रसायन का इस्तेमाल न करें।
यदि आँखों में लगातार दर्द, धुंधला दिखाई देना, तेज लालिमा या रोशनी से परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
हेयर कलर लगाते समय आँखों और पलकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। सिर की त्वचा के लिए बने उत्पाद को भौंहों या पलकों पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जब तक वह विशेष रूप से उस उपयोग के लिए स्वीकृत न हो।

क्या हेयर कलर से सिर की त्वचा में जलन और खुजली होती है?
कुछ हेयर कलर में मौजूद रसायन सिर की त्वचा को परेशान कर सकते हैं। यदि त्वचा पहले से संवेदनशील है, उस पर घाव हैं या खुजली की समस्या है, तो रंग लगाने से परेशानी बढ़ सकती है।
रंग लगाते समय हल्की असुविधा और तेज जलन में अंतर समझना जरूरी है। तेज जलन, दर्द या खुजली होने पर रंग को तुरंत धोकर हटाएँ। इसे सहन करके निर्धारित समय तक लगाए रखना सही नहीं है।
यदि सिर की त्वचा पर पहले से घाव, संक्रमण, सूजन या गंभीर रूसी की समस्या है, तो रंग लगाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
क्या हेयर कलर लगाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है?
हेयर कलर और कैंसर के बीच संभावित संबंध पर लंबे समय से वैज्ञानिक शोध किए जा रहे हैं। इस विषय में यह कहना सही नहीं होगा कि हर हेयर कलर कैंसर पैदा करता है या हेयर कलर का इस्तेमाल पूरी तरह जोखिम-मुक्त है।
व्यक्तिगत हेयर डाई के इस्तेमाल और कैंसर के बीच संबंध पर हुए अध्ययनों के परिणाम अलग-अलग रहे हैं। कुछ शोधों में विशेष प्रकार के कैंसर के साथ संभावित संबंधों की जाँच की गई है, जबकि कई अध्ययनों में स्पष्ट या लगातार एक जैसा संबंध नहीं मिला।
जोखिम का आकलन करते समय डाई के प्रकार, उसमें मौजूद रसायनों, इस्तेमाल की अवधि और व्यक्ति के अन्य जोखिम कारकों को ध्यान में रखना पड़ता है। पुराने उत्पादों और पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों के निष्कर्षों को आज के सभी उत्पादों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।
यदि आप नियमित रूप से हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने देश में लागू सुरक्षा नियमों के अनुसार तैयार उत्पाद चुनें, निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से बार-बार रंग लगाने से बचें।
क्या बार-बार हेयर कलर लगाने से बाल सफेद होने लगते हैं?
एक आम धारणा है कि हेयर कलर लगाने से प्राकृतिक बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं। लेकिन इस बात का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सामान्य हेयर डाई का इस्तेमाल सीधे बालों को समय से पहले सफेद कर देता है।
बालों का सफेद होना मुख्य रूप से उम्र, आनुवंशिकता और बालों के रंगद्रव्य यानी मेलेनिन के उत्पादन में बदलाव से जुड़ा होता है।
हालाँकि, बार-बार रंग लगाने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। टूटे हुए बालों के कारण बाल कम घने या असमान दिखाई दे सकते हैं, जिससे कुछ लोगों को लग सकता है कि उनके बाल तेजी से खराब हो रहे हैं।
यदि कम उम्र में बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं, तो इसके पीछे आनुवंशिक कारण या कुछ पोषण संबंधी अथवा स्वास्थ्य संबंधी स्थितियाँ हो सकती हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
क्या अमोनिया-रहित हेयर कलर पूरी तरह सुरक्षित होता है?
अमोनिया-रहित हेयर कलर उन लोगों को आकर्षित करते हैं जो कम तीखी गंध वाला उत्पाद चाहते हैं। लेकिन अमोनिया न होने का अर्थ यह नहीं है कि उत्पाद से कोई नुकसान नहीं होगा।
कुछ अमोनिया-रहित रंगों में दूसरे रसायन इस्तेमाल किए जाते हैं। उनसे भी किसी व्यक्ति को एलर्जी या जलन हो सकती है।
इसी तरह प्राकृतिक या हर्बल हेयर कलर भी हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होते। किसी पौधे या प्राकृतिक पदार्थ से भी एलर्जी हो सकती है। कुछ उत्पादों में ऐसे अतिरिक्त तत्व भी हो सकते हैं जिनका उल्लेख विज्ञापन में प्रमुखता से नहीं किया जाता।
इसलिए केवल उत्पाद के नाम या विज्ञापन पर भरोसा न करें। सामग्री की सूची पढ़ें, विश्वसनीय निर्माता का उत्पाद चुनें और इस्तेमाल के निर्देशों का पालन करें।
हेयर कलर लगाने से पहले पैच टेस्ट क्यों जरूरी है?
हेयर कलर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना एलर्जी के जोखिम को पहचानने में मदद कर सकता है। कई उत्पादों के निर्देशों में रंग लगाने से लगभग 48 घंटे पहले यह परीक्षण करने की सलाह दी जाती है।
परीक्षण का तरीका उत्पाद के निर्देशों के अनुसार होना चाहिए। निर्धारित स्थान पर थोड़ी मात्रा लगाकर देखें कि वहाँ खुजली, लालिमा, सूजन या अन्य प्रतिक्रिया तो नहीं होती।
लेकिन यह बात याद रखें कि पैच टेस्ट पास करने से भविष्य में एलर्जी न होने की गारंटी नहीं मिलती। किसी व्यक्ति को पहले इस्तेमाल किए गए उत्पाद से भी बाद में एलर्जी हो सकती है।
यदि आपको पहले हेयर डाई से एलर्जी हो चुकी है, तो घर पर दोबारा परीक्षण करके उसी उत्पाद का इस्तेमाल न करें। पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
हेयर कलर लगाते समय कौन-सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
बालों को रंगते समय कुछ सामान्य सावधानियाँ अपनाकर जलन और नुकसान के जोखिम को कम किया जा सकता है।
उत्पाद की सामग्री और इस्तेमाल के निर्देश ध्यान से पढ़ें।
निर्देशों के अनुसार पहले पैच टेस्ट करें।
रंग को बताए गए समय से अधिक देर तक न छोड़ें।
उत्पाद लगाते समय उपयुक्त दस्ताने पहनें।
रंग को आँखों, पलकों और मुँह से दूर रखें।
सिर की त्वचा पर घाव या जलन हो तो रंग लगाने से बचें।
अलग-अलग हेयर कलर या रसायनों को अपनी मर्जी से न मिलाएँ।
ब्लीच और स्थायी रंग का बार-बार या गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।
बच्चों की पहुँच से उत्पाद को दूर रखें।
तेज जलन या खुजली होने पर रंग तुरंत धोकर हटाएँ।
इन सावधानियों का पालन करने से जोखिम कम हो सकता है, लेकिन किसी भी उत्पाद से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती।

सफेद बालों को छिपाने के लिए कौन-से विकल्प अपनाए जा सकते हैं?
यदि आपको रासायनिक हेयर कलर से परेशानी होती है या आप स्थायी रंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो कुछ दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
अस्थायी हेयर कलर: कुछ अस्थायी रंग बालों की बाहरी सतह पर रंग की परत बनाते हैं और धोने पर धीरे-धीरे निकल जाते हैं। फिर भी उनसे एलर्जी हो सकती है, इसलिए सामग्री की जाँच जरूरी है।
बालों को ढकने वाले उत्पाद: हेयर मस्कारा या रूट टच-अप उत्पाद सफेद बालों को कुछ समय के लिए छिपाने में मदद कर सकते हैं। इन्हें भी निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करना चाहिए।
मेहंदी: शुद्ध मेहंदी बालों को नारंगी-लाल या तांबे जैसा रंग दे सकती है। इसका परिणाम बालों के प्राकृतिक रंग और उत्पाद की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। मेहंदी से भी कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है।
सफेद बालों को वैसे ही रखना: यदि आप चाहें, तो प्राकृतिक सफेद या ग्रे बालों को बिना रंग के भी रख सकते हैं। सफेद बाल होना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है।
किसी भी विकल्प को चुनने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसमें ऐसे तत्व न हों जिनसे आपको पहले प्रतिक्रिया हो चुकी है। विशेष रूप से तथाकथित ब्लैक हिना से सावधान रहें, क्योंकि इसमें पीपीडी मिलाया जा सकता है।
हेयर कलर के बाद बालों की देखभाल कैसे करें?
बालों में रंग लगाने के बाद उचित देखभाल करने से रूखापन और टूटने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
बालों के प्रकार के अनुसार हल्का शैम्पू और कंडीशनर इस्तेमाल करें। बहुत गर्म पानी से बाल धोने और बार-बार तेज गर्मी वाले उपकरण इस्तेमाल करने से बचें।
बालों को जोर से रगड़ने के बजाय धीरे-धीरे सुखाएँ। बार-बार ब्लीचिंग या रंग बदलने से बचें, क्योंकि इससे बालों की बाहरी परत कमजोर हो सकती है।
यदि बाल बहुत अधिक टूट रहे हैं, सिर की त्वचा पर घाव हो रहे हैं या बालों की जड़ों से असामान्य रूप से झड़ने की समस्या है, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।
ध्यान रखें कि तेल लगाने या घरेलू नुस्खों से हेयर डाई की एलर्जी का इलाज सुनिश्चित रूप से नहीं होता। एलर्जी के लक्षण होने पर सही चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक महत्वपूर्ण है।
किन लोगों को हेयर कलर इस्तेमाल करते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
कुछ लोगों को हेयर कलर का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
जिन लोगों को पहले हेयर डाई से एलर्जी हो चुकी है।
जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है।
जिनके सिर की त्वचा पर घाव, संक्रमण या सूजन है।
जिन लोगों को पहले पीपीडी या अन्य हेयर डाई के घटकों से प्रतिक्रिया हुई है।
जिन लोगों को रंग लगाने के बाद चेहरे या पलकों पर सूजन हुई हो।
यदि पहले किसी हेयर कलर से गंभीर प्रतिक्रिया हुई है, तो उसी उत्पाद या समान सामग्री वाले दूसरे उत्पाद का इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें।
क्या बालों में हेयर कलर लगाना सुरक्षित है?
बालों में हेयर कलर लगाने के नुकसान हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों को बिना किसी परेशानी के रंग लगाने का अनुभव होता है, जबकि अन्य लोगों को त्वचा की एलर्जी, खुजली, जलन, सूजन या बालों के टूटने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
हेयर कलर से त्वचा का रंग हर व्यक्ति में काला नहीं होता और न ही हर उत्पाद से कैंसर या बाल झड़ने की समस्या होती है। जोखिम उत्पाद के घटकों, इस्तेमाल के तरीके और व्यक्ति की संवेदनशीलता पर निर्भर करता है।

यदि आप बालों में रंग लगाना चाहते हैं, तो सामग्री की सूची पढ़ें, निर्देशों के अनुसार पैच टेस्ट करें और उत्पाद को निर्धारित समय से अधिक न रखें। यदि पहले एलर्जी हो चुकी है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
सबसे जरूरी बात यह है कि सुंदर दिखने के लिए अपनी त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। सही जानकारी, सावधानी और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह से आप अपने लिए बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।
